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कहाँ तो तय था चरागां हर एक घर के लिए

कहाँ तो तय था चरागां हर एक घर के लिए

‘किसान का कोड़ा’ विचारगोष्ठी की रपट.  रपट : बजरंग बिहारी.   इन संगठनों से जुड़े लेखक, बुद्धिजीवी, कलाकार और रचनाकार किसान आंदोलन पर कार्यक्रमों की शृंखला चला रहे हैं। इसी सिलसिले में 11 अप्रैल 2021 को महात्मा फुले की जयंती के अवसर पर ‘किसान आंदोलन के समक्ष चुनौतियां’ ऑनलाइन विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह आयोजन जोतिबा फुले की सुप्रसिद्ध रचना ‘किसान का कोड़ा’ को समर्पित था। कार्यक्रम में तीन वक्ता थे- वरिष्ठ कृषि अर्थशास्त्री जया मेहता, कथाकार-विचारक रणेन्द्र और अखिल भारतीय किसान…

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स्वास्थ्य का मुद्दा अस्पतालों और डॉक्टरों का ही नहीं, राजनीति का मुद्दा है. कोविड 19 के सन्दर्भ में स्वास्थ्य सेवाओं के राष्ट्रीयकरण पर वेबिनार.

स्वास्थ्य का मुद्दा अस्पतालों और डॉक्टरों का ही नहीं, राजनीति का मुद्दा है. कोविड 19 के सन्दर्भ में स्वास्थ्य सेवाओं के राष्ट्रीयकरण पर वेबिनार.

रिपोर्ट: राहुल भाईजी.  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई द्वारा “भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के राष्ट्रीयकरण” विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का संयोजन जोशी अधिकारी इंस्टीट्यूट आफ सोशल स्टडीज द्वारा किया गया। वेबिनार में डॉ अभय शुक्ला (पुणे) राष्ट्रीय सहसंयोजक, जन स्वास्थ्य अभियान, ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्ष 1986-87 में भारत की सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं निजी क्षेत्र की तुलना में ज्यादा थी, और 1000 मरीज में 400 मरीज ही  निजी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ…

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श्रमिक संघर्ष वेबिनार-5: ‘महिला श्रमिक और उनके संघर्ष’

श्रमिक संघर्ष वेबिनार-5: ‘महिला श्रमिक और उनके संघर्ष’

पूँजीवादी समाज में श्रमिकों में भी महिला श्रमिकों की स्थिति पुरुष श्रमिकों की तुलना में अलग और कमतर होती है। भारत में महिलाएँ अपना श्रम खेती में, उद्योगों में, गारमेंट निर्माण में , आंगनवाड़ी-आशाकर्मियों के रूप में जागरूकता फ़ैलाने के कार्य में और अनेक प्रकार के कार्यों में लगाती हैं। जोशी-अधिकारी इंस्टिट्यूट द्वारा एटक (AITUC) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर भारत की मेहनतकश जनता के विभिन्न तबकों पर केंद्रित वेबिनार श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी श्रृंखला की पाँचवीं कड़ी में सुनिए महिला श्रमिकों पर केंद्रित वेबिनार। …

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श्रमिक संघर्ष वेबिनार – 4: ‘Public Sector Employees against Neo-liberal policies (Banking, insurance and Telecom)’

श्रमिक संघर्ष वेबिनार – 4: ‘Public Sector Employees against Neo-liberal policies (Banking, insurance and Telecom)’

Speeches of Com. Arvind Porwal, Com. D. D. Tuljapurkar, Com. K. Govindan, Com. Sreekant Mishra and Com. Ranjan Dani. These sane voices unfold the disastrous moves of the governments to finish the achievements of Public Sector Banking, Insurance and BSNL. Please share and subscribe the youtube channel also of Joshi-Adhikari Institute.

श्रमिक संघर्ष वेबिनार – 3: “ऊर्जा क्षेत्र में संकट और कर्मचारियों के संघर्ष”

श्रमिक संघर्ष वेबिनार – 3: “ऊर्जा क्षेत्र में संकट और कर्मचारियों के संघर्ष”

The third in the series of six webinars was held on 9 November 2020 in which “Crisis in Energy Sector” was discussed. Com. C. J. Joseph spoke about the profile of the workforce employed in the coal sector. Com. I. M. Uniyal spoke about the challenges and struggles waged by employees of the oil sector. Com. Ashok Rao discussed the threats surrounding the power sector. Basically, these were all public sector units (PSUs) which are now being made systematically sick…

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श्रमिक संघर्ष वेबिनार – 2: “Repressive labour practices in modern industries: Challenges and response.”

श्रमिक संघर्ष वेबिनार – 2: “Repressive labour practices in modern industries: Challenges and response.”

The second webinar was held on 9th November 2020. The theme of that webinar was “Repressive labour practices in modern industries: Challenges and response.” Com. Sukumar Damle spoke about the challenges and responses of workers working in private organised sector industries near Mumbai, Com. Satyanand spoke about the problems of the workers in modern industries sprang up around the city of Bengaluru. Com. Anil Pawar spoke about the struggles waged by the workers of Gurgaon-Manesar industrial belt. In the end,…

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श्रमिक संघर्ष वेबिनार – 1: ‘भारत में श्रम कानून- इतिहास और वर्तमान”

श्रमिक संघर्ष वेबिनार – 1: ‘भारत में श्रम कानून- इतिहास और वर्तमान”

ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस(एटक) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर जोशी-अधिकारी इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज द्वारा श्रमिक संघर्षों पर केंद्रित छः वेबिनारों का आयोजन किया जा रहा है। श्रृंखला की पहली वेबिनार 28 अक्टूबर 2020 को ‘भारत में श्रम कानून- इतिहास और वर्तमान” विषय पर केंद्रित थी वेबिनार श्रृंखला का परिचय श्री एस. पी. शुक्ला (अध्यक्ष-जोशी-अधिकारी इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज, तथा भारत सरकार के पूर्व वित्त एवं वाणिज्य सचिव) ने दिया और मुख्य वक्ता थे प्रो. बाबू मैथ्यू (अनेक…

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फ़िलिस्तीन पर चिंताजनक तरह से बदल रहा है भारत का रवैया, मार्ता हार्नेकर को दी श्रद्धांजलि

फ़िलिस्तीन पर चिंताजनक तरह से बदल रहा है भारत का रवैया, मार्ता हार्नेकर को दी श्रद्धांजलि

– विनोद कोष्टी. हाल में संयुक्त राष्ट्र संघ ने इज़राएल की एक आपत्ति पर फ़िलिस्तीनियों के लिए काम करने वाले एक गै़र सरकारी संगठन के सलाहकार संगठन होने के आवेदन को निरस्त कर दिया। जब इस मामले पर मत संग्रह हुआ तो पहली बार भारत ने फ़िलिस्तीन के ख़िलाफ़ इज़राएल के पक्ष में अपना मत दिया। इस घटना के सन्दर्भ में जोशी-अधिकारी इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल स्टडीज़ और अखिल भारतीय शांति एवं एकजुटता संगठन ने संयुक्त रूप से 17 जून, 2019…

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Agrarian Crisis and its Resolution

Agrarian Crisis and its Resolution

by S.P. Shukla, Jaya Mehta, Vineet Tiwari. This article was written quite some time ago before the ‘Delhi Chalo’ movement of farmers in December 2018. In the introduction of the article the authors explained: “We wish to present this paper for the consideration of and interaction with peasants, activists, scholars and indeed the entire ‘Nation For Farmers’ which is being mobilised as part of the magnificent Delhi Chalo Movement of Farmers.” “We have been engaged, for more than a decade…

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आरोप पत्र से नाम हटाने के संबंध में नंदिनी सुंदर, अर्चना प्रसाद, संजय पराते, विनीत तिवारी व अन्य का संयुक्त बयान 

आरोप पत्र से नाम हटाने के संबंध में नंदिनी सुंदर, अर्चना प्रसाद, संजय पराते, विनीत तिवारी व अन्य का संयुक्त बयान 

हम खुश हैं कि शामनाथ बघेल की हत्या के प्रकरण में छत्तीसगढ़ पुलिस ने आरोप पत्र से हमारा नाम हटाया है. हमें आशा है कि सैकड़ों निर्दोष आदिवासी और वे सभी, जो फर्जी मुकदमों में जेलों में है, उन्हें भी जल्द ही न्याय मिलेगा. हम अपने वकीलों, मित्रों और उन सभी लोगों के आभारी हैं, जिन्होंने इस मामले में हम पर विश्वास जताया, हमारा हौसला बढ़ाया और मदद की। मामले की संक्षिप्त पृष्ठभूमि 5 नवम्बर, 2016 को तोंगपाल थाना में…

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