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Agrarian Crisis and its Resolution

Agrarian Crisis and its Resolution

by S.P. Shukla, Jaya Mehta, Vineet Tiwari. This article was written quite some time ago before the ‘Delhi Chalo’ movement of farmers in December 2018. In the introduction of the article the authors explained: “We wish to present this paper for the consideration of and interaction with peasants, activists, scholars and indeed the entire ‘Nation For Farmers’ which is being mobilised as part of the magnificent Delhi Chalo Movement of Farmers.” “We have been engaged, for more than a decade…

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आरोप पत्र से नाम हटाने के संबंध में नंदिनी सुंदर, अर्चना प्रसाद, संजय पराते, विनीत तिवारी व अन्य का संयुक्त बयान 

आरोप पत्र से नाम हटाने के संबंध में नंदिनी सुंदर, अर्चना प्रसाद, संजय पराते, विनीत तिवारी व अन्य का संयुक्त बयान 

हम खुश हैं कि शामनाथ बघेल की हत्या के प्रकरण में छत्तीसगढ़ पुलिस ने आरोप पत्र से हमारा नाम हटाया है. हमें आशा है कि सैकड़ों निर्दोष आदिवासी और वे सभी, जो फर्जी मुकदमों में जेलों में है, उन्हें भी जल्द ही न्याय मिलेगा. हम अपने वकीलों, मित्रों और उन सभी लोगों के आभारी हैं, जिन्होंने इस मामले में हम पर विश्वास जताया, हमारा हौसला बढ़ाया और मदद की। मामले की संक्षिप्त पृष्ठभूमि 5 नवम्बर, 2016 को तोंगपाल थाना में…

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The Russian Revolution and the Indian Freedom Struggle

The Russian Revolution and the Indian Freedom Struggle

– Vineet Tiwari. On the occasion of centenary year of Russian revolution, a book was conceptualised by Com. S. Sudhakar Reddy, edited by Jaya Mehta and published by Joshi-Adhikari Institute of Social Studies, Delhi. The book was released by Com. Gurudas Dasgupta on 24th April, 2018 in an event organised by Prabhath Books at Kollam, Kerala, a day before the 23rd Party Congress of CPI began. Along with this other books written by of Com. Binoy Biswam, Com. C. Divakaran,…

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रूस का इंक़लाब और भारत का आज़ादी का संघर्ष (पुस्तक विमोचन)

रूस का इंक़लाब और भारत का आज़ादी का संघर्ष (पुस्तक विमोचन)

– विनीत तिवारी रूस के इंक़लाब के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर सीपीआई के महासचिव कॉमरेड एस. सुधाकर रेड्डी ने एक किताब की संकल्पना की कि किस तरह उस दौर के और बाद के दौर के भी कम्युनिस्ट नेताओं ने रूस के इंक़लाब का स्वागत किया, कैसा आंकलन किया और भारत के आज़ादी के आंदोलन पर उसका कैसा असर रहा। उन्होंने कुछ पुराने लेख छाँटे और मशविरे में डॉ. जया मेहता को शरीक किया। जया मेहता ने उन…

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